हरदा : जिला अस्पताल कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में अनियमितता के आरोप लगाते हुए कलेक्टर को सौंपा आवेदन
जिला अस्पताल में कार्यरत सफाईकर्मियों सहित अन्य संविदा कर्मचारियों ने समय पर वेतन नहीं मिलने, वेतन कटौती और शोषण के आरोप लगाते हुए कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि शासन के नियमों के अनुरूप उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे वे लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे रहे हैं।
आवेदन में कर्मचारियों ने उल्लेख किया है कि उनसे नियमित ड्यूटी के साथ-साथ ओवरटाइम कार्य भी कराया जाता है, लेकिन उसका कोई पारिश्रमिक नहीं दिया जाता। इसके अलावा 4 दिन के अवकाश का प्रावधान होने के बावजूद छुट्टी नहीं दी जाती और पीएफ (भविष्य निधि) का लाभ भी कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार हर माह मनमाने तरीके से वेतन में कटौती करता है। इस संबंध में जब सुपरवाइजर को जानकारी दी जाती है तो ठेकेदार फोन पर बात करने से भी इनकार कर देता है।
कर्मचारियों ने बताया कि पहले हर माह 16 तारीख तक वेतन का भुगतान कर दिया जाता था, लेकिन पिछले माह से स्थिति और अधिक बिगड़ गई है। आवेदन के अनुसार भोपाल चिकित्सा सेवाओं से प्रति कर्मचारी 16 हजार रुपये का भुगतान होता है, लेकिन कर्मचारियों को केवल 8 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों को कार्य संबंधी कोई स्पष्ट आदेश भी नहीं दिए जाते, जिससे असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
आवेदन में कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिला अस्पताल परिसर में कुछ लोगों द्वारा गाड़ियों से आकर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की जाती है और अवैध वसूली जैसे झूठे आरोप लगाकर नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। इस तरह की शिकायतों पर अस्पताल प्रशासन द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है।
इस दौरान एडीएम पुरुषोत्तम कुमार ने कर्मचारियों से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन सभी कर्मचारी कलेक्टर से ही चर्चा करने की मांग पर अड़े रहे। कर्मचारियों ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कर समय पर पूर्ण वेतन भुगतान, ठेकेदार पर कार्रवाई और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम की मांग की है। फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।


