बोरपानी में आयोजित “अनुभूति कार्यक्रम” ने बच्चों में जगाई पर्यावरण चेतना
हरदा, मध्य प्रदेश। वन, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्कूली विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बोरपानी में 08 जनवरी 2026 को “अनुभूति कार्यक्रम” आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश ईको-पर्यटन विकास बोर्ड के तहत संचालित प्रशिक्षण, प्रचार और सह-जागरूकता शिविर का हिस्सा था।
श्रीमान मुख्य वन संरक्षक के निर्देशन में श्री वनमंडलाधिकारी हरदा की देखरेख में और श्री राकेश लहरी, उप वनमंडल अधिकारी दक्षिण हरदा के समन्वय में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। तहसीलदार रहटगांव श्री देवशंकर ध्रुर्वे और श्रीमती नीता शाह, वन परिक्षेत्र अधिकारी बोरपानी सहित वन परिक्षेत्र के समस्त स्टाफ ने भी इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम में शासकीय हाई स्कूल कचनार और शासकीय हाई स्कूल बोरपानी के कुल 135 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों को पक्षी दर्शन और प्रकृति पथ भ्रमण से कराई गई, जहाँ उन्हें पारिस्थितिक तंत्र, वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में समझाया गया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी ने मिशन लाइफ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इसके साथ ही “हम हैं धरती के दूत”, “मैं भी बाघ” और “हम हैं बदलाव” जैसी थीम के तहत छात्रों को खेल-खेल में पर्यावरण संरक्षण, खाद्य श्रृंखला और पारिस्थितिक संतुलन की जानकारी दी गई। नेचर मेडिटेशन, “जंगल की अदालत” नुक्कड़ नाटक और “हू एम आई” खेल जैसे गतिविधियों ने बच्चों में सीखने की उत्सुकता और जागरूकता बढ़ाई।
प्रेरकों ने बच्चों को बिना सिले कपड़े से थैली बनाना सिखाया और “मैं भी बाघ” व “हम हैं बदलाव” गीतों पर नृत्य करवाया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने वनों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवहनीय जीवनशैली अपनाने की शपथ ली।
इस कार्यक्रम ने बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और संरक्षण की भावना को उजागर किया, जिससे यह सकारात्मक पहल हरदा जिले में पर्यावरण जागरूकता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।


