बुरहानपुर। बुरहानपुर जिले में लंबे समय से चर्चित रहे दुष्कर्म आरोप मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। अदालत ने तत्कालीन टीआई एपी सिंह पर लगाए गए आरोपों को निराधार मानते हुए आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ अब ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया है। सीजेएम न्यायालय बुरहानपुर ने महिला प्रमिला तिवारी उपाध्याय के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 308-2 और 308-6 के तहत मामला दर्ज कराया है।
प्रमिला तिवारी भोपाल के कोलार क्षेत्र की रहवासी और एक निजी स्कूल की प्राचार्य बताई जाती हैं। आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2022 में तत्कालीन टीआई रहते हुए एपी सिंह पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उसी समय यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। लेकिन अब पूरे घटनाक्रम ने उल्टी दिशा पकड़ ली है। अदालत के आदेश के बाद अब उनका खुद पर लगाया आरोप उनके खिलाफ ही कानूनी कार्रवाई में बदल गया है।
इस संबंध में गुरुवार को बुरहानपुर में एपी सिंह और उनके अधिवक्ता मोहनलाल प्रजापति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। एपी सिंह ने बताया कि महिला ने पहले उनसे अवैध राशि 50 लाख रुपए की मांग की थी और जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तब उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि महिला लगातार आत्महत्या कर लेने की धमकी देकर मानसिक रूप से दबाव बनाने की कोशिश करती रही।
इसके साथ ही अधिवक्ता मोहनलाल प्रजापति ने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही महिला की याचिका को खारिज कर चुका है। अब सीजेएम बुरहानपुर द्वारा ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किए जाने के बाद यह साबित हो गया है कि पूरा मामला सुनियोजित तरीके से बदनामी और धन उगाही के उद्देश्य से किया गया था।
एपी सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें शुरुआत से ही न्यायपालिका पर भरोसा था और आज सच्चाई सामने आ गई है। उन्होंने इस फैसले को न्याय की जीत बताया।
अदालत के आदेश के बाद अब पुलिस जांच और आगामी कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर होगी। यह मामला प्रदेश भर में महिला सुरक्षा कानूनों के दुरुपयोग और झूठे आरोपों पर एक नई बहस खड़ा कर सकता है।


